नाबालिग को अश्लिल संदेश भेजना पडा महंगा

हाईकोर्ट ने बरकरार रखा इंस्टाग्राम अकाउंट बंद करने का फैसला

नागपुर /दि.27- नाबालिग को यौन प्रकृति के अश्लील संदेश भेजने के आरोप में सोशल मीडिया कंपनी मेटा द्वारा एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर का अकाउंट स्थायी रूप से बंद करने के फैसले को मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने सही ठहराया है. अदालत ने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों से बच्चों का यौन शोषण साइबर अपराधों के सबसे गंभीर स्वरूपों में से एक है और ऐसे मामलों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की सख्त कार्रवाई पूरी तरह उचित है.
न्यायमूर्ति अनिल किलोर और राज वाकोड़े की खंडपीठ ने इन्फ्लुएंसर की याचिका खारिज करते हुए कहा कि बाल सुरक्षा के मामलों में एक भी गंभीर उल्लंघन किसी सोशल मीडिया अकाउंट को स्थायी रूप से निलंबित करने के लिए पर्याप्त हो सकता है.
* मेटा के फैसले को चुनौती दी थी
याचिकाकर्ता का इंस्टाग्राम अकाउंट बाल यौन शोषण, नग्नता और यौन सामग्री से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोप में मेटा ने स्थायी रूप से बंद कर दिया था. इसके खिलाफ उसने पहले सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 के तहत गठित ग्रीवेंस अपीलीय समिति में अपील की, लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली. इसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. याचिकाकर्ता ने अदालत में दावा किया कि संदेश गलती से भेजा गया था और उसे यह जानकारी नहीं थी कि संदेश पाने वाला व्यक्ति नाबालिग है. उसने अकाउंट को हमेशा के लिए बंद करना अत्यधिक कठोर कार्रवाई भी बताया.
* ‘एक गंभीर उल्लंघन भी पर्याप्त’
हाईकोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. मेटा की नीति बाल यौन शोषण से संबंधित मामलों में पूरी तरह जीरो टॉलरेंस पर आधारित है और उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसी सख्ती आवश्यक है. अदालत ने कहा कि ऑनलाइन बाल यौन शोषण बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य पर लंबे समय तक असर डाल सकता है. इसलिए सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है और अदालत इसमें अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करेगी. इस फैसले को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की सुरक्षा से जुड़े नियमों को न्यायिक समर्थन मिलने के रूप में देखा जा रहा है. साथ ही अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि डिजिटल मंचों पर बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.

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