विधान परिषद में गूंजे दिव्यांगों के आरक्षण, मेलघाट की परिवहन समस्या और अवैध साहूकारी के मुद्दे

पूर्व मंत्री व विधायक बच्चू कडू ने पुरजोर ढंग से रखी अपनी बात

मुंबई/दि.9- महाराष्ट्र विधान परिषद के मानसून सत्र में विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री बच्चू कडू ने जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने एसटी महामंडल में दिव्यांगों को आरक्षण देने, मेलघाट क्षेत्र की गंभीर परिवहन समस्याओं का समाधान करने तथा महामंडल कर्मचारियों के वेतन संबंधी लंबित प्रश्नों पर चर्चा करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की.
विधान परिषद में मुद्दा उठाते हुए विधायक बच्चू कडू ने कहा कि राज्य परिवहन महामंडल में दिव्यांगों को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं. उन्होंने दिव्यांगों के लिए आरक्षण लागू करने और उन्हें रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस नीति बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया. साथ ही उन्होंने मेलघाट जैसे दुर्गम आदिवासी क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज भी अनेक गांव उचित यातायात सुविधाओं से वंचित हैं, जिससे नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने एसटी महामंडल के कर्मचारियों के वेतन और अन्य सेवा संबंधी समस्याओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है. इन सभी मुद्दों पर संबंधित मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्र उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया.
* कानून के संभावित दुरुपयोग पर जताई चिंता
सदन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान विधायक बच्चू कडू ने कानून के संभावित दुरुपयोग का गंभीर मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि किसी भी कानून का उद्देश्य नागरिकों को न्याय और सुरक्षा प्रदान करना होना चाहिए, लेकिन कई बार प्रशासनिक और पुलिस तंत्र द्वारा कुछ प्रावधानों का गलत इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आती हैं. उन्होंने सदन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि कानून बनाते समय ऐसे सुरक्षा प्रावधान शामिल किए जाने चाहिए, जिससे निर्दोष नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और कानून का उपयोग केवल न्याय सुनिश्चित करने के लिए ही हो.
* माइक्रो फाइनेंस कंपनियों और अवैध साहूकारों पर साधा निशाना
विधान परिषद में अवैध साहूकारी से संबंधित विधेयक पर चर्चा के दौरान विधायक बच्चू कडू ने माइक्रो फाइनेंस कंपनियों और अवैध साहूकारों की मनमानी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य के अनेक हिस्सों में गरीब, किसान और जरूरतमंद परिवार अत्यधिक ब्याज दरों के जाल में फंस रहे हैं. उन्होंने नागपुर, अकोला और लातूर जिलों की कुछ घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कई मामलों में कर्जदारों पर मानसिक और आर्थिक दबाव बनाया जाता है तथा उनसे अवैध तरीके से वसूली की जाती है. यह स्थिति अत्यंत गंभीर है और समाज के कमजोर वर्गों का शोषण रोकने के लिए सरकार को कठोर कदम उठाने चाहिए.
विधायक कडू ने मांग की कि अवैध साहूकारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त कानूनों का कड़ाई से पालन कराया जाए, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित नागरिकों को त्वरित न्याय और संरक्षण उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने कहा कि गरीबों, किसानों, मजदूरों और सामान्य नागरिकों को आर्थिक शोषण से बचाना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. सदन में उनके द्वारा उठाए गए इन मुद्दों को जनहित से जुड़ा बताते हुए कई सदस्यों ने भी गंभीरता से लेने की आवश्यकता व्यक्त की.

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