डॉ. आंबेडकर लॉ कॉलेज पसंद क्रम में ही नहीं
विधि प्रवेश को लेकर संभ्रम, बार काऊंसिल की मान्यता लटकी

नागपुर /दि.6 – शहर के दो प्रतिष्ठित विधि महाविद्यालय का पर्याय केंद्रीय प्रवेश प्रक्रिया के पसंद क्रम में उपलब्ध नहीं रहने के चलते विद्यार्थियों व अभिभावकों में काफी संभ्रम वाला माहौल बन गया है. राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विद्यापीठ द्वारा संचालित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्कूल ऑफ लॉ तथा दीक्षाभूमि स्मारक समिती द्वारा संचालित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर कॉलेज के विधि विभाग जैसे दोनों पर्याय अब विद्यार्थियों द्वारा चुने नहीं जा सकते है.
बता दे कि, राज्य सीईटी सेल द्वारा पांच वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष की केंद्रीय प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है. जिसके तहत पसंद क्रम भरने की प्रक्रिया 5 अगस्त से शुरू हुई है, जो कल 7 अगस्त तक चलेगी. परंतु विद्यार्थियों द्वारा पसंद क्रम भरने का प्रयास करने पर नागपुर विद्यापीठ के स्कूल ऑफ लॉ तथा दीक्षाभूमि के विधि विभाग के पर्याय दिखाई नहीं दिए. जिसके चलते पहले राऊंड में इन महत्वपूर्ण महाविद्यालयोें के नाम पसंद क्रम में भरे जा सकते है अथवा नहीं, इसे लेकर अनिश्चितता देखी जा रही है. फिलहाल पसंद क्रम में कुछ निजी बिना अनुदानित महाविद्यालयों के ही पर्याय उपलब्ध रहने के चलते अभिभावकों में भी चिंता बढ गई है.
ज्ञात रहे कि, विधि पाठ्यक्रम चलानेवाले महाविद्यालयों के लिए बार काऊंसिल ऑफ इंडिया की मान्यता आवश्यक रहती है. यह मान्यता अब तक प्राप्त नहीं होने के चलते नागपुर के दोनों नामांकित महाविद्यालय पसंद क्रम की सूचि में शामिल नहीं हो पाए है, ऐसी जानकारी है. विद्यापीठ के स्कूल ऑफ लॉ के साथ 102 वर्षों की परंपरा जुडी हुई है. वहीं दीक्षाभूमि का विधि विभाग भी बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है. जिसके चलते इन दोनों महाविद्यालयों के नाम पसंद क्रम की सूचि में दिखाई नहीं देने के चलते विधि पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु इच्छुक विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों द्वारा आश्चर्य जताया जा रहा है.
बता दे कि, पांच वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु 19 जून से 17 जुलाई के दौरान पंजीयन प्रक्रिया चली और 28 जुलाई को अंतिम गुणवत्ता सूची घोषित की गई. इस बार इस पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु कुल 18 हजार 305 विद्यार्थियों द्वारा पंजीयन किया गया. पसंद क्रम दर्ज होने के बाद महाविद्यालयों का आवंटन किया जाएगा और फिर 13 से 18 अगस्त के दौरान विद्यार्थियों को दस्तावेजों की पडताल एवं प्रवेश निश्चिती हेतु संबंधित महाविद्यालयों में उपलब्ध रहना होगा.
* राज्यभर के महाविद्यालयों को झटका
बार काऊंसिल की मान्यता प्रलंबित रहने का झटका राज्य के कई विधि महाविद्यालयों को लगा है. राज्य में लगभग 170 विधि महाविद्यालय है. जिसमें से केवल 74 महाविद्यालयों के पर्याय प्रवेश प्रक्रिया में उपलब्ध है. कई सरकारी व अनुदानित महाविद्यालयों के पर्याय इस बार विद्यार्थियों द्वारा चुने नहीं जा सके. नियमों की पूर्तता करने व दंड भरने के बावजूद मान्यता मिलने में विलंब होने की शिकायत महाविद्यालयों द्वारा की जा रही है.
* क्या सीईटी सेल देगी समयावृध्दि
महत्वपूर्ण महाविद्यालयों के पर्याय उपलब्ध नहीं रहने के चलते विद्यार्थियों के सामने प्रवेश को लेकर काफी समस्याएं व दिक्कते पैदा हो गई है. पसंद क्रम भरने की मुदत खत्म होने तक मान्यता प्राप्त होगी अथवा नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है. जिसके चलते सीईटी सेल द्वारा पसंद क्रम भरने को समयावृध्दि दी जाए, ऐसी मांग पालकों की ओर से उठाई जा रही है.





