जस्टीस सांबरे बने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश

नागपुर में हर्ष

नागपुर/दि. 6– मूल रूप से नागपुर निवासी जस्टीस नितिन सांबरे को दिल्ली उच्च न्यायालय का प्रभारी मुख्य न्यायाधीश मनोनीत किया गया है. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्रकुमार उपाध्याय का सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमुर्ति के रूप में मनोनयन होने से यह पद जस्टीस सांबरे को सौंपा गया है. दिल्ली उच्च न्यायालय में जस्टीस सांबरे ही जस्टीस उपाध्याय उपरांत सर्वोच्च अनुभवी और वरिष्ठ है. वे अंतरिम रूप से दिल्ली हाईकोर्ट के प्रबंधन और न्यायालयीन कामकाज का अवलोकन करेंगे.
नागपुर में 19 दिसंबर 1967 को जन्मे नितिन सांबरे ने शिवाजी विज्ञान महाविद्यालय से स्नातक उपरांत नागपुर में ही एलएलबी की पढाई पूर्ण की. उन्होंने 25 अगस्त 1992 को वरिष्ठ वकील शरद बोबडे के अधीन वकील के रूप में करियर प्रारंभ किया. उन्होंने सिविल, जनहित, फौजदारी प्रकरणों का काम देखा. बंबई, औरंगाबाद और नागपुर तीनों उच्च न्यायालय में अपनी प्रैक्टीस की. वे हाईकोर्ट बार असो. नागपुर के वर्ष 2004 से 2007 तक सचिव भी रहे. उन्हेें 6 जनवरी 2014 को बम्बई हाईकोर्ट ने अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया. मार्च 2016 में वे उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश बने. उन्होंने अपने कार्यकाल दौरान नाना प्रकार के सिविल, फौजदार, संवैधानिक , प्रशासनिक मुद्दो पर जजमेंट दी है. उन्हें पिछले वर्ष जुलाई में दिल्ली उच्च न्यायालय स्थानांतरित किया गया. 21 जुलाई 2025 को जस्टीस नितिन साबंरे ने वहां पद सुत्र संभाले थे.

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