बच्चों को अलमारी पर बैठाकर मां ने बचाई जान, 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला का रोमांचक रेस्क्यू
नागपुर में बारिश बनी आफत, मूसलाधार बारिश से शहर में बाढ़ जैसे हालात

* सैकड़ों घरों में घुसा पानी; लोगों का लाखों रुपये का नुकसान
नागपुर/दि.29- नागपुर में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. लगातार कई घंटों तक हुई तेज वर्षा के कारण शहर के अनेक इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई. घरों में पानी घुसने से लोगों का घरेलू सामान, अनाज, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बर्बाद हो गए. इस बीच कई परिवारों को अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा. कहीं 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को एनडीआरएफ की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया, तो कहीं एक मां ने अपने बच्चों को अलमारी पर बैठाकर उनकी जान बचाई.
* घर में फंसी 80 वर्षीय बुजुर्ग, एनडीआरएफ ने किया रेस्क्यू
स्वरूप नगर क्षेत्र में रहने वाले हितेश मेहता के घर में मंगलवार दोपहर अचानक पानी घुसना शुरू हो गया. देखते ही देखते घर के भीतर कमर तक पानी भर गया. उस समय घर में 80 वर्षीय कुंता मेहता, उनकी बहू और छोटी पोती मौजूद थीं. बाहर सड़कों पर भी जलभराव होने से परिवार के अन्य सदस्य मौके पर नहीं पहुंच सके. स्थिति गंभीर होने पर परिजनों ने एनडीआरएफ और अग्निशमन विभाग से संपर्क किया. शाम करीब पांच बजे बचाव दल मौके पर पहुंचा और अभियान शुरू किया. बचावकर्मियों ने कुंता मेहता को एक कुर्सी पर बैठाकर पानी से भरे घर से सुरक्षित बाहर निकाला. इस पूरे रेस्क्यू अभियान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग जवानों की बहादुरी की सराहना कर रहे हैं.
मेहता परिवार के अनुसार घर में लगभग तीन फीट तक पानी भर गया था. इससे घर में रखा अनाज, कपड़े, पुस्तकें, रेफ्रिजरेटर और अन्य घरेलू सामान खराब हो गया. प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक परिवार को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.
* मां ने बच्चों को अलमारी पर बैठाकर बचाई जान
शहर के एक अन्य इलाके में रहने वाली शीतल शेंडे भी बाढ़ की विभीषिका का शिकार हुईं. उस समय वह घर में अपने छोटे बच्चों के साथ अकेली थीं. अचानक घर में पानी घुसने लगा और कुछ ही देर में जलस्तर तेजी से बढ़ गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शीतल ने अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें घर की अलमारी (कपाट) के ऊपर बैठा दिया. कई घंटों तक वे मदद का इंतजार करती रहीं. लगातार बढ़ते पानी के बीच बच्चों को सुरक्षित रखना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया था.
शीतल शेंडे के घर में रखा अनाज, कपड़े और अन्य जरूरी सामान पानी में डूबकर खराब हो गया. हालात इतने खराब हो गए कि परिवार को भोजन तक की समस्या का सामना करना पड़ा. उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिल सकी.
* पानी उतरा, लेकिन मुश्किलें बरकरार
बारिश थमने और पानी उतरने के बाद भी नागपुर के कई इलाकों में हालात सामान्य नहीं हुए हैं. नागरिक अब अपने क्षतिग्रस्त घरों और बर्बाद हुए सामान को संभालने में जुटे हैं. कई क्षेत्रों में नुकसान का पंचनामा करने, आर्थिक सहायता देने और पुनर्वास की मांग उठ रही है.
* प्रशासन पर बढ़ा दबाव
बाढ़ प्रभावित नागरिकों का कहना है कि जल निकासी व्यवस्था की कमियों के कारण स्थिति और गंभीर हुई. लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत, नुकसान का सर्वेक्षण और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है. मूसलाधार बारिश के बाद नागपुर में सामने आई ये तस्वीरें न केवल प्राकृतिक आपदा की भयावहता दिखाती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि संकट की घड़ी में आम नागरिकों को किस तरह अपने साहस और धैर्य के बल पर जीवन बचाने की लड़ाई लड़नी पड़ती है.





