प्रस्तावित पुतले संबंधी याचिका खारिज
हाईकोर्ट ने कहा पहले लाओ ब्यौरा

* सूचना का अधिकार में भी नहीं मिली जानकारी
नागपुर /दि.14 – केवल एक चौराहे के पास पुतला स्थापित किए जाने की मौखिक प्रस्ताव संबंधी जानकारी के आधार पर कोई आदेश कैसे जारी किया जा सकता है. यह कहते हुए नागपुर खंडपीठ ने प्रणव प्रदीपकुमार लुनावत की जनहित याचिका को नामंजूर कर दियास. प्रणव लुनावत ने अपनी याचिका में राज्य सरकार के ही 2 मई 2017 के आदेश का उल्लेख करते हुए कोई भी पुतला स्थापित किए जाने का विरोध किया था. उच्च न्यायालय से भी तत संबंध में आदेश जारी करने का अनुरोध याचिका के माध्यम से किया गया.
न्या. अनिल किशोर और न्या. रजनीश व्यास की खंडपीठ ने कहा कि अर्जी में केवल पुतले के स्थापना का उल्लेख है. कहां लगाया जा रहा है, किसका पुतला लगाया जा रहा है, कब लगाया जा रहा है, इसका कोई ब्यौरा नहीं है. तब याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि सूचना का अधिकार नियम में भी इस संबंध में ब्यौरा मांगा गया. किंतु कोई जानकारी नहीं दी गई. ऐसे में खंडपीठ ने कहा कि जब आरटीआई लागू नहीं होता तो ऐसा कोई सरकारी या प्रशासन का निर्णय नहीं हुआ होगा. याचिकाकर्ता को पर्याप्त शोध और जानकारी लेने के बाद ही याचिका दायर करनी चाहिए थी. कोर्ट से संपर्क करने से पहले इन सब बातों का याचिका में शुमार होना आवश्यक है. याचिकाकर्ता की ओर से एड. एआर इंगोले ने तथा प्रतिवादियों की ओर से एजीपी एनएस राव ने पैरवी की.





