दूध में मिलावट की पहचान कैसे करें?
घर पर ही करें ये 5 आसान टेस्ट, मिनटों में चल जाएगा पता

नई दिल्ली/दि.15 राज्य में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा दूध में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई तेज होने के बाद लोगों में अपने घर आने वाले दूध की शुद्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है. विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ आसान घरेलू परीक्षणों से दूध में संभावित मिलावट की प्राथमिक जांच की जा सकती है. हालांकि, किसी भी मिलावट की अंतिम पुष्टि केवल प्रयोगशाला जांच से ही संभव है.
* घर पर ऐसे करें दूध की प्राथमिक जांच
– लकड़ी की छड़ी या बेलन टेस्ट
लकड़ी के बेलन या किसी चिकनी लकड़ी की छड़ी पर दूध की कुछ बूंदें डालें. यदि दूध धीरे-धीरे नीचे फिसलते हुए सफेद निशान छोड़ता है, तो यह अपेक्षाकृत शुद्ध होने का संकेत हो सकता है. यदि कोई सफेद लकीर नहीं बनती, तो मिलावट की आशंका हो सकती है.
– आयोडीन टेस्ट
दूध में आयोडीन की कुछ बूंदें डालें. यदि दूध का रंग नीला पड़ जाए, तो इसमें स्टार्च जैसी मिलावट होने की संभावना हो सकती है.
– हथेली टेस्ट
थोड़ा दूध हथेली पर लेकर दोनों हाथों को रगड़ें. यदि हाथ असामान्य रूप से अधिक चिकने या तैलीय महसूस हों, तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है.
– उबालने का परीक्षण
दूध को उबालकर गाढ़ा करें. यदि इसमें छोटी-छोटी गांठें बनने लगें, तो दूध की गुणवत्ता संदिग्ध हो सकती है. सामान्य शुद्ध दूध गाढ़ा होता है, लेकिन उसमें इस तरह की गांठें नहीं बनतीं.
– सोयाबीन पाउडर और लिटमस टेस्ट
दूध में थोड़ा सोयाबीन पाउडर मिलाकर कुछ देर रखें. इसके बाद उसमें लाल लिटमस पेपर डुबोएं. यदि लिटमस पेपर का रंग नीला हो जाए, तो दूध में मिलावट की आशंका हो सकती है.
– ये सभी घरेलू परीक्षण केवल प्रारंभिक संकेत देते हैं. इनसे दूध के शुद्ध या अशुद्ध होने की निश्चित पुष्टि नहीं होती. यदि दूध में मिलावट का संदेह हो, तो उसकी जांच अधिकृत खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में कराना या संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करना सबसे विश्वसनीय तरीका है.





